धार्मिक आयोजनों, धार्मिक जुलूसों पर लगाए गए प्रतिबंध निरंतर जारी रहेंगे – जिला कलक्टर

वजाहत ख़ान – ब्यूरो चीफ (9414395440)

धार्मिक स्थल में फूल माला, तेल, प्रसाद, अन्य पूजा सामग्री ले जाने एवं घंटी बजाने पर रहेगा प्रतिबंध

धार्मिक आयोजनों, धार्मिक जुलूसों पर लगाए गए प्रतिबंध निरंतर जारी रहेंगे – जिला कलक्टर

मंदिरों/धर्मस्थलों में 60-65 वर्ष से अधिक उम्र के या बीमार व्यक्ति किसी भी सूरत में नहीं आए, 10 वर्ष से छोटे बच्चे गर्भवती महिलाएं, लकवे से पीड़ित व्यक्ति, हाई रिस्क ग्रुप के व्यक्तियों को मंदिरों व धार्मिक स्थलों में प्रवेश हेतु अनुमत नहीं करें – जिला कलक्टर
चित्तौड़गढ़ । कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए जन सुरक्षा की दृष्टि से धार्मिक स्थलों को सावधानीपूर्वक खोले जाने के दृष्टिगत जिला स्तर पर गठित समिति की बैठक जिला कलक्टर के.के. शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को ग्रामीण विकास अभिकरण सभागार में आयोजित की गई।
जिला कलक्टर के.के. शर्मा ने कहां की धार्मिक स्थलों को 7 सितंबर से खोले जाने हेतु राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार द्वारा जारी शर्तों एवं प्रोटोकॉल की सख्ती से अनुपालन करें। उन्होंने बताया कि कंटेंटमेंट जोन/कर्फ्यू क्षेत्र में भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार ऐसे क्षेत्रों में स्थित धार्मिक स्थलों को खोले जाने की छूट अनुमति नहीं होगी। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के  संक्रमण से बचाव के लिए पर्याप्त सुरक्षात्मक उपाय धार्मिक स्थल प्रबंधन द्वारा कर लिए जाएं। जिला कलक्टर श्री शर्मा ने बताया कि धार्मिक स्थलों में सोशल डिस्टेंसिंग की अनुपालना सख्ती से की जाए तथा  धार्मिक स्थलों में प्रत्येक व्यक्ति के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी रहे। धार्मिक स्थलों के पुजारियों एवं दर्शनार्थियों द्वारा चेहरे पर फेस कवर पहनना अनिवार्य होगा। उन्होंने धार्मिक स्थलों के सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं और कॉमन स्थानों पर थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड वॉश, सैनिटाइजर का समुचित प्रबंधन किए जाने को कहा।
उन्होंने बताया कि धार्मिक स्थल के परिसर एवं इसमें स्थापित की गई आम सुविधाओं और मानव संपर्क में आने वाले सभी बिंदुओं जैसे फर्श, स्टील रेलिंग एवं दरवाजे के हैंडल आदि का बार-बार सैनिटाइजेशन किया जाना अनिवार्य होगा। धार्मिक स्थलों में फूल माला, प्रसाद एवं अन्य पूजा सामग्री ले जाने एवं घंटी बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। धार्मिक स्थलों/पूजा स्थलों में बचाव उपायों के लिए जारी की गई की गई मानक संचालन प्रक्रिया में प्रसाद चढ़ाने, वितरण करने या पवित्र जल के छिड़काव आदि पर प्रतिबंध जारी किए गए हैं । धार्मिक स्थलों में यह प्रतिबंध निरंतर जारी रहेंगे। धार्मिक स्थलों में विशेष दिनों में दर्शनार्थियों की भीड़ नहीं जुटे और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों/पूजा स्थलों में कोविड-19 के संक्रमण को रोकने हेतु बचाव उपायों के लिए जारी की गई मानक संचालन प्रक्रिया में वर्णित सभी सावधानियों एवं अहतियातों की पूर्ण पालना सुनिश्चित की जाए।
जिला कलक्टर ने कहां की धार्मिक स्थलों को खोले जाने का तात्पर्य धार्मिक आयोजनों या धार्मिक जुलूसों की अनुमति बिल्कुल नहीं है । धार्मिक आयोजनों/ धार्मिक जुलूस ऊपर लगाए गए प्रतिबंध निरंतर जारी रहेंगे।  जिला कलक्टर ने बताया कि धार्मिक स्थलों की एंट्री गेट पर मास्क एवं सैनिटाइजर की व्यवस्था, सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोले बना लें, धार्मिक स्थलों पर प्रसाद, फूल माला, घंटी बजाना व चढ़ावा नहीं होगा। मंदिरों में 60-65 वर्ष से अधिक उम्र के या बीमार व्यक्ति किसी भी सूरत में नहीं आए, 10 वर्ष से छोटे बच्चे गर्भवती महिलाएं, लकवे से पीड़ित व्यक्ति, हाई रिस्क ग्रुप के व्यक्तियों को मंदिरों व धार्मिक स्थलों में प्रवेश हेतु अनुमत नहीं करें।
अतिरिक्त कलक्टर (प्रशासन) मुकेश कुमार कलाल ने धार्मिक स्थलों की प्रबंध समिति को भारत सरकार एवं राज्य सरकार के हेल्थ प्रोटोकॉल की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह ने कहा कि मात्र दर्शन के लिए ही मंदिर खुले रहे। धार्मिक स्थलों में मास्क व सैनिटाइजेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
बैठक में बड़ीसादड़ी विधायक ललित ओस्तवाल  सहित धार्मिक स्थलों के प्रबंध समिति, मंडल, ट्रस्ट के पदाधिकारी उपस्थित थे।

 

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